क्या हो अगर मधुमक्खियां ख़तम हो जाये | What if the Bees are Over in Hindi 2022

What if the Bees are Over (क्या हो अगर मधुमक्खियां ख़तम हो जाये), if bees go extinct will humans die (अगर मधुमक्खी विलुप्त हो जाए तो मनुष्य मर जाएंगे), why are bees so important, if bees go extinct how long will humans live (अगर मधुमक्खियां विलुप्त हो जाती हैं तो मनुष्य कितने समय तक जीवित रहेगा)

मनुष्यों और मधुमक्खियों का, प्यार और नफरत, दोनों का ही रिश्ता है। मधुमक्खियां, डंक मारने और शहद बनाने के अलावा भी बहुत कुछ काम करती हैं। वो लगभग हमारी सारी ही उपयोग में आने वाली फसलों का पोलिनेशन करती हैं। ये ग्लोबल इकॉनमी में हर साल 200 बिलियन डॉलर का योगदान है।

और हम बदले में उनके साथ क्या करते हैं? अगर हम सावधान न हुए, और अगर मधुमक्खियां ख़तम हो जाये (if the Bees are Over), तो जल्दी ही अपने आप को एक बड़ी परेशानी में पाएंगे। ग्लोबल वार्मिंग और खेती में पेस्टीसाइड्स का अत्यधिक इस्तेमाल मधुमक्खियों की घटती हुई संख्या का प्रमुख कारण है। धरती की आखरी मधुमक्खी के मरने के तीन महीनों के अंदर ही, फसलों का उगना इतना काम हो जायेगा की फल और सब्जियां आपको मुँह मांगे दाम पर मिलेंगे।

What-if-the-Bees-are-Over-in-Hindi

What if the Bees are Over in Hindi | क्या हो अगर मधुमक्खियां ख़तम हो जाये?

अगर मधुमक्खियां ख़तम हो जाये (if the Bees are Over) तो आप सिर्फ फल और सब्जी ही नहीं खोएंगे, बल्कि, आपको बादाम, नारियल, चॉक्लेट और कॉफी को भी अलविदा कहना होगा। मधुमक्खियों के ना रहने पर चिड़ियों, चमगादड़ों और तितलियों जैसे अन्य जीवों को पोलिनेशन का काम करना पड़ेगा। मधुमक्खियों का ख़त्म होना, फूड चेन्स को ख़त्म कर देगा। सबसे पहले पौधे पोलिनेशन न होने के कारण ख़त्म होने लगेंगे, जिसकी वजह शाकाहारी पशु ख़त्म हो जायेंगे।

Albert Einstein Said About Bees | अल्बर्ट आइंस्टीन ने मधुमक्खियों के बारे मे कहा

उन्नीसवीं सदी के महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा है कि अगर पृथ्वी पर सभी मधुमक्खियां ख़तम हो जाये (if the Bees are Over) तो अगले 4 साल में इंसान भी खत्म हो जाएंगे। मधुमक्खी के कारण ही पौधे के फूल में परागकण एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं।

और फसलों के उत्पादन में मधुमक्खी का सबसे बड़ा हाथ होता है और अगर दुनिया से मधुमक्खी का सफाया हो गया तो फसलें भी बर्बाद हो जाएंगी, इसके अलावा, पेड़ और पौधे धीरे-धीरे विलुप्त हो जायेंगे और इसका असर सीधा इंसानों पर पड़ेगा। भोजन की कमी के कारण मनुष्य भी धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएगा, प्रकृति में हर एक जीव का अपना महत्व है। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की यह बात हम सभी को बताती है कि हमारी धरती के लिए एक छोटी मधुमक्खी भी कितनी महत्वपूर्ण है।

If Bees Go Extinct will Humans Die | अगर मधुमक्खी विलुप्त हो जाए तो मनुष्य मर जाएंगे

अगर मधुमक्खियां ख़तम हो जाये (if the Bees are Over) तो आप अपने मवेशिओं के बारे में सोचें। बादाम के छिलके गायों और मुर्गियों के चारे के लिए एक बढ़िया क्वालिटी की सामग्री होती है। जैसा हमने पहले बताया, बादाम के पेड़ों का पोलिनेशन मधुमक्खियां ही करती हैं।

Why are Bees so Important | मधुमक्खियां इतनी महत्वपूर्ण क्यों हैं

अगर आपको मांसाहारी खाना अभी महंगा लगता है, तो जरा मधुमक्खियों के ख़त्म होने का इंतजार करें। उनके जाने के साथ ही कई मीट और डेरी के उत्पाद, जैसे की चीज़ बर्गर एक दुर्लभ और असाधारण चीज़ में बदल जायेगा। और जब आप खाने की इस गंभीर कमी और बढ़ती महंगाई को 8 बिलियन की बढ़ती जनसँख्या के साथ मिलाकर देखेंगे, तो ये बिलकुल भी एक अच्छी स्थिति नहीं दिखती।

बेशक, इस मामले को देखने के और भी तरीके हैं। जैसे की, मक्का, गेहूं और चावल ऐसी फसलें हैं, जिनका पोलिनेशन हवा के द्वारा होता है। मतलब हमारे पास मधुमक्ख्यों के ख़त्म होने पर खाने का सामान तो होगा, पर ज़्यादातर फलों और सब्जियों के न रहने से आपको एक बेस्वाद और कम पौष्टिक आहार खाना होगा।

हो सकता है स्थिति यहाँ तक न पहुंचे। चीन के कई हिस्सों में लोग हाथों से पोलिनेशन का काम शुरू कर चुके हैं जबकि ड्रोन और रोबोट्स से भी पोलिनेशन करना कुछ अन्य उपाय हैं। ये उपाय मधुमक्खियों द्वारा पोलिनेशन न होने पर एक आम जीवन का विश्वास तो देते हैं, पर इसमें खर्चा बहुत है। हमें प्रकृति से मुफ्त में मिलने वाली चीज़ का भी दाम चुकाना होगा। तो इस सौदे को व्यर्थ न जाने दें।

1960 से फसलों का उत्पादन जो पोलिनेशन पर निर्भर था उसमें 300 प्रतिशत की बढ़त हुई है। इसे कायम रखने के लिए हमें बस अपनी धरती को बेहतर बनाना होगा। तो चलिए इस विश्व को सही तापमान पर रखने की कोशिश करते हैं। पेस्टीसाइड्स के लिए एक सुरक्षित उपाय ढूंढ़ते हैं। विश्व की इन सबसे मेहनती मज़्दूर पर थोड़ा विश्वास करते हैं, क्यूंकि इन छोटी-छोटी चीजों को अनदेखा करना तो आसान है, पर इनके परिणामों को नहीं।

Kya Hoga Agar Madhumakkhiyan Khatam Ho Jaye

सामान्य प्रश्न:

Que: मधुमक्खियां शहद कैसे बनाती हैं?

Ans: मधुमक्खियां फूलों से नेक्टर सक करते है। जो की एक शुगर का ज्यूस होता है। और वो अपने पेट में स्टोर करते है। एक्चुअली हनी बी को 2 पेट होते है। एक पेट होता है उनका खाना स्टोर करने के लिए, और दूसरा पेट होता है हनी स्टोर करने के लिए। तो इस दूसरे पेट में वो ये नेक्टर कलेक्ट करते है।
फिर उसे लेकर अपने छत में चले जाते है। अब छत में आने के बाद वो अपना नेक्टर दूसरे वर्कर को पासऑन करते है, और वो नेक्टर करीब आधे घंटे तक वो नेक्टर चबाता रहता है। ऐसे ही एक दूसरे वर्कर के साथ वो तबतक पासऑन करते है, जबतक की वो नेक्टर हनी में बदल न जाये। एक बार जब हनी बन जाये तब हनी बी इसे स्टोर करके रखते है। हनी बी खुद के लिए छोड़कर 2 से 3 गुना ज्यादा हनी बनाती है। जिसके चलते हम भी उसका आनंद ले पाते है।

Que: शहद सालों तक कैसे अच्छा रहता है?

Ans: हनी के इस मैजिकल सर्वाइवल के पीछे का रीज़न है, उसका शुगर कंटेंट, PH लेवल, और मधुमक्खियों की हनी बनाने की प्रोसेस। जिससे होता ये है, की जो ऑर्गनिज़म फ़ूड स्पोइल करते है, वो हनी में सर्वाइव ही नहीं कर पाते। और इसी वजह से हनी सेंकडो सालों तक अच्छा रहता है।
हालाँकि हनी बॉटल्स पर एक्सपायरी डेट नहीं दी जाती, लेकिन फिर भी बदलते टेम्प्रेचर के हिसाब से वो नेचुरल चेंजेस ला सकता है। जैसे की डार्क होना, फ्लेवर चले जाना, या फिर कभी कभी क्रिस्टलाइन भी हो सकता है।

Default image

Info Buzz Team

Info Buzz एक हिंदी ब्लॉगिंग वेबसाइट हैं, जिसमें विभिन्न विषयों पर जानकारी इक्कट्ठी कर उसे पाठकों तक पहुँचाने का कार्य हम करते हैं। Info Buzz में जीवन परिचय (Biography), मोटिवेशनल स्टोरीज (Motivational Stories), सामान्य ज्ञान (General Knowledge), एवं क्या हो अगर... (What If...) जैसे फैक्ट्स पर जानकारी लिखी जाती हैं।

Articles: 15

Leave a Reply

%d bloggers like this: