भारतीय क्रिकेटर कपिल देव जीवनी | Indian Cricketer Kapil Dev Biography in Hindi 2022

Indian Cricketer Kapil Dev Biography Hindi (भारतीय क्रिकेटर कपिल देव जीवनी), Kapil Dev Early Life and Family, Age, Cricket Career, 1983 Cricket World Cup, Awards, Honors, Achievements, Biopic

भारतीय क्रिकेट के पहले सुपरस्टार और भारत को पहला विश्व कप (World Cup) जितानेवाले ‘भारतीय क्रिकेटपटू कपिल देव (Indian Cricketer Kapil Dev) जी’ के जीवन की रोचक और प्रेरक कहानी।

“लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”।

भारतीय क्रिकेट के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले श्री कपिल देव (Indian Cricketer Kapil Dev) जी के जीवन पर ये पंक्तियाँ एकदम सटीक बैठती हैं। भारत में क्रिकेट का शुरू से ही हर कोई दीवाना रहा है लेकिन क्रिकेट को घर-घर ले जाने का श्रेय श्री कपिल देव जी को ही जाता है।

Indian-Cricketer-Kapil-Dev Biography-In-Hindi

Indian Cricketer Kapil Dev Biography Hindi | भारतीय क्रिकेटर कपिल देव जीवन परिचय

उन्होंने साल 1983 में भारत को पहले क्रिकेट विश्व कप का विजेता बनाकर न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि बुजुर्गों से लेकर बच्चों के दिलों में क्रिकेट को खास पहचान दिलाई। भारत में पहली बार क्रिकेट विश्व कप लाने का काम इस महान खिलाड़ी ने किया था, जो उस समय किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। आइए इस लेख में जानते हैं उनके जीवन की प्रेरक और रोचक कहानी।

नाम (Name)कपिल देव रामलाल निखंज
निक नामहरियाणा तूफान, केडी कपिल पाजी,
जन्म की तारीख6 जनवरी 1959
उम्र (Age)63 वर्ष (2022 के अनुसार)
जन्म स्थानचंडीगढ़, भारत
वर्तमान निवाससुंदर नगर, दिल्ली
राष्ट्रीयताभारतीय
स्कूलडीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल
महाविद्यालयसेंट एडवर्ड कॉलेज
प्रोफेशनक्रिकेटर, व्यवसायी
कोच (Coach)देश प्रेम आजाद
बल्लेबाजी शैलीदाएं हाथ के बल्लेबाज
गेंदबाजी शैलीदाएं हाथ के तेज-मध्यम
पसंदीदा शॉटहुक एंड ड्राइव
पसंदीदा गेंदआउट-स्विंग और इन-स्विंग यॉर्कर

Kapil Dev Early Life and Family | कपिल देव प्रारंभिक जीवन और परिवार

6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़, हरियाणा में जन्मे श्री कपिल देव (Cricketer Kapil Dev) जी का परिवार विभाजन के बाद चंडीगढ़ आ गया। उन्होंने डीएवी (D.A.V.) स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। जिसके बाद वे ग्रेजुएशन के लिए सेंट एडवर्ड कॉलेज गए। श्री कपिल देव जी को बचपन से ही खेलों का बहुत शौक था, लेकिन उन्हें क्रिकेट सबसे ज्यादा पसंद था।

कॉलेज के दिनों में वह क्रिकेट को ज्यादा समय देते थे, जिससे उनके खेल में काफी सुधार हुआ। Kapil Dev जी उस समय भी अच्छी तरह से जानते थे कि एक तेज गेंदबाज बनने के लिए फिटनेस कितनी जरूरी है। इसलिए श्री कपिल देव जी अपने कंधों को मजबूत रखने के लिए लकड़ी तोड़ते थे। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून को देखते हुए उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें क्रिकेट के गुणों से अवगत कराने का फैसला किया।

पिताजी का नामराम लाल निखंज (व्यापारी; मृत्यु 1975 में)
माताजी का नामराज कुमारी लाजवंती (2009 में निधन)
भाई का नामरमेश, भूषण
बहन का नाममंजू, नीरू और पिंकी गिल
वैवाहिक स्थितिविवाहित
विवाह तिथिसाल 1980
पत्नी का नामरोमी भाटिया (उद्यमी)
बच्चे (Children)बेटी- अमिय देव (जन्म; 16 जनवरी 1996)
शौक (Hobbies)गोल्फ, टेबल टेनिस और स्क्वाश खेलना, फिल्में देखना
कद (हाईट) (लगभग)6 फीट
वज़न (लगभग)80 किग्रा
आंखों का रंगगहरा भूरा
Indian-Cricketer-Kapil-Dev-Family

Kapil Dev Cricker Career | कपिल देव क्रिकेट करियर

Cricketer Kapil Dev जी प्रतिभा से भरपूर थे लेकिन क्रिकेट के कुछ तकनीकी सुधार की उन्हें जरूरत थी। उनकी कमियों को दूर करने में उनके कोच श्री देशप्रेम आजाद जी ने उनकी काफी मदद की। देशप्रेम आजाद जी की कोचिंग में श्री कपिल देव जी ने अपनी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी काफी मेहनत की और परिणामस्वरूप नवंबर 1975 में रणजी खेलने के लिए हरियाणा की टीम से चुने गए।

अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट में बनाई जगह

Kapil Dev जी ने अपने पहले ही घरेलू मैच में 6 विकेट लेकर सभी के सामने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। उन्होंने हरियाणा के लिए कुल 30 मैच खेले। जिसमें उन्होंने 121 विकेट लेकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा, भारतीय क्रिकेट बोर्ड भी इससे अछूता नहीं था। उनके शानदार प्रदर्शन को देखकर उन्हें 1978 में भारतीय टीम में खेलने का मौका मिला।

Cricketer Kapil Dev जी ने साल 1978 में पाकिस्तान दौरे पर अपना पहला एकदिवसीय मैच खेला। कोटा पाकिस्तान के अयूब नेशनल स्टेडियम में खेला गया ये मैच श्री कपिल देव जी के लिए कुछ खास नहीं रहा। उन्होंने 8 ओवर में 27 रन देकर सिर्फ 1 विकेट लिया, बल्लेबाजी में भी उन्हें ज्यादा समय नहीं मिला। इस पूरी सीरीज में खेले गए तीन मैचों में उन्होंने सिर्फ 18 रन बनाए और 4 विकेट लिए।

ऐसे बने बेहतरीन आलराउंडर

1979-1980 में श्री कपिल देव जी ने दिल्ली के खिलाफ अपनी शानदार बल्लेबाजी से 193 रन की नाबाद पारी खेली और हरियाणा को शानदार जीत दिलाई। उनके करियर का यह पहला शतक था। जिसके बाद यह साबित हो गया कि श्री कपिल देव जी न केवल गेंदबाजी से बल्कि बल्लेबाजी से भी भारत को जीत दिला सकते हैं।

अपनी इन्ही दोनों प्रतिभाओं के कारण उन्हें अब तक का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर माना जाता है। उन्होंने 17 अक्टूबर 1979 को वेस्टइंडीज टीम के खिलाफ अपना पहला टेस्ट शतक (126) फिरोज शाह कोटला मैदान, दिल्ली में केवल 124 गेंदों में बनाया। इसे उनकी यादगार पारियों में से एक गिना जाता है।

इंटरनेशनल डेब्यू | International Debut

  • वनडे- 1 अक्टूबर 1978 को पाकिस्तान के खिलाफ क्वेटा में
  • टेस्ट- 16-21 अक्टूबर 1978 पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में

अंतर्राष्ट्रीय सेवानिवृत्ति | International Retirement

  • वनडे- 17 अक्टूबर 1994 वेस्ट इंडीज के खिलाफ फरीदाबाद में
  • टेस्ट- 19-23 मार्च 1994 न्यूजीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में
प्रतियोगिताटेस्टODIFCLA
मैच (Match)131225275309
रन बनाए5,2483,78311,3565,461
बल्लेबाजी औसत31.0523.7932.9124.59
100s/50s8/271/1418/562/23
शीर्ष स्कोर163175*193175*
फेंकी गईं गेंदें27,74011,20248,85314,947
विकेट434253835335
गेंदबाजी औसत29.6427.4527.0927.34
पारी में 5 विकेट231392
मैच में 10 विकेट2030
सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी9/835/439/835/43
कैच/स्टंपिंग64/-71/-192/-99/-

खराब फॉर्म के बाद की वापसी

Cricketer Kapil Dev जी को टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए खेलने का मौका मिला लेकिन एकदिवसीय क्रिकेट में उन्हें लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा, लेकिन श्री कपिल देव जी कड़ी मेहनत करते रहे और अपने प्रदर्शन में सुधार करते रहे। अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से उन्होंने कई बार भारतीय टीम की जीत में अपना अहम योगदान दिया। 1982/83 में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मैचों के लिए श्री कपिल देव जी को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया, जिसने सभी को चौंका दिया।

Indian-Cricketer-Kapil-Dev Biography

1983 Cricket World Cup | 1983 क्रिकेट विश्व कप

क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) का आयोजन साल 1983 में किया गया था। हालांकि, पिछले विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन को देखने के बाद किसी को उम्मीद नहीं थी कि भारत विश्व कप जीत सकता है। क्रिकेट वर्ल्ड कप के शुरुवात में श्री Kapil Dev जी का औसत एक सामान्य गेंदबाज के समान ही था। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जीतना जरूरी था।

उस मैच में भारत लगभग हार के कगार पर था, कि श्री कपिल देव जी ने अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर मैच को संभाल लिया। इस मैच के दौरान उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की अच्छी खासी पिटाई करके महज 138 गेंदों में 175 रन बनाए थे। जिसमें उन्होंने 16 चौके (fours) और 6 छक्के (sixes) लगाए। किरमानी (22 रन) और श्री कपिल देव जी के बीच 9वें विकेट के लिए 126 रनों की सबसे बड़ी साझेदारी हुई, जिसे 27 साल तक कोई नहीं तोड़ सका। इतना ही नहीं इस मैच में श्री कपिल देव जी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के लिए 5 विकेट भी लिए थे।

India won the first world cup | भारत ने जीता पहला विश्व कप

भारत ने श्री कपिल देव जी की कप्तानी में इंग्लैंड में 1983 का विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। भारत को अपना पहला विश्व कप जीतने के लिए फाइनल में वेस्टइंडीज को हराना था। भारतीय टीम क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया और सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराकर पहली बार विश्व कप फाइनल में पहुंची थी। उस समय भारतीय टीम को वर्ल्ड कप (World Cup) की मजबूत और प्रबल दावेदार वेस्ट इंडीज (West Indies) के खिलाफ मैच खेलना था। इसका नतीजा यह रहा कि वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों के सामने फाइनल में भारतीय पारी केवल 180 रन पर ही ऑल आउट हो गई।

यह देखकर सभी की भारतीय टीम वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीद खत्म हो गई। लेकिन Cricketer Kapil Dev जी हार मानने वालों में से नहीं थे। उन्होंने और उनके साथी गेंदबाजों के साथ सटीक गेंदबाजी करके वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों के सामने मुश्किलें खड़ी करना शुरू कर दी और इस दबाव में वेस्टइंडीज की टीम हर बार अपने विकेट गवाती रही। जिससे उन्होंने अपने 10 विकेट केवल 140 रन पर गंवा दिए और इस तरह भारतीय टीम ने 1983 विश्व कप (1983 World Cup) का फाइनल मैच जीत लिया। पूरे विश्व क्रिकेट को हैरान करते हुए भारतीय टीम नई विश्व चैंपियन बनकर दुनिया के सामने आ गई।

कपिल देव पुरस्कार, सम्मान, उपलब्धियां | Kapil Dev Awards, Honors, Achievements

भारत को पहला विश्व कप जीताने वाले Indian Cricketer Kapil Dev जी ने अपने जीवन में कई सारी उपलब्धियां हासिल की हैं। साल 1979-80 सीज़न में क्रिकेट में उनके अच्छे प्रदर्शन के लिए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया। इतना ही नहीं साल 1982 में श्री कपिल देव जी की प्रतिभा और समर्पण को देखकर भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। वर्ष 1983 में विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर से सम्मानित किया गया।

1994 में, उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने के रिचर्ड हेडली के रिकॉर्ड को तोड़ा। इतना ही नहीं टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट के साथ वह अपने 4000 रन पूरे करने वाले दुनिया के उच्चतम खिलाड़ी हैं। साल 1991 में श्री कपिल देव जी के योगदान और समर्पण के सम्मान में उन्हें पद्म भूषण जैसा सर्वोच्च पुरस्कार दिया गया है। 2010 आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम अवार्ड देकर उनकी प्रतिभा को सम्मानजनक दर्जा दिया गया। इसके साथ ही उन्हें कई अन्य सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है।

  • 1979-80 – अर्जुन पुरस्कार
  • 1982 – पद्मश्री
  • 1983 – विजडन क्रिकेटर ऑफ द ईयर
  • 1991 – पद्म भूषण
  • 2002 – विजडन इंडियन क्रिकेटर ऑफ़ द सेंचुरी
  • 2008 – भारतीय प्रादेशिक सेना द्वारा लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में सम्मानित
  • 2010 – आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फ़ेम
  • 2013 – सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड

Kapil Dev Biopic | कपिल देव बायोपिक

भारत के सबसे सफल कप्तानों में से एक श्री Kapil Dev जी के जीवन पर आधारित एक फिल्म भी बनी है। 83 के नाम से मशहूर इस फिल्म में अभिनेता रणवीर सिंह ने श्री कपिल देव जी की भूमिका निभाई थी। जिसमें 1983 वर्ल्ड कप जीतने के सफर को दिखाया गया है।

Indian-Cricketer-Kapil-Dev-movie-83

अपनी शानदार कप्तानी और बेहतरीन प्रदर्शन के कारण Indian Cricketer Kapil Dev जी ने भारतीय टीम को पहली बार विश्व कप (World Cup) जीतने में मदद की। 1994 में, 35 साल की उम्र में श्री कपिल देव जी ने सभी प्रकार के क्रिकेट से सन्यास ले लिया। लेकिन क्रिकेट में खेली गई उनकी कई पारियों को आज भी लोग याद करते हैं। श्री कपिल देव जी ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर सफलता की नई कहानी (Success Story) लिखी है। वह आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा (Inspiration) हैं।

सामान्य प्रश्न:

Que: कपिल देव का पुरा नाम (full name of Kapil Dev) क्या है?

Ans: कपिल देव रामलाल निखंज (Kapil Dev Ramlal Nikhanj)

Que: कपिल देव शैक्षणिक योग्यता (Kapil Dev Educational Qualification) क्या है?

Ans: कपिल देव ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी (D.A.V.) स्कूल से प्राप्त की। जिसके बाद वे ग्रेजुएशन के लिए सेंट एडवर्ड कॉलेज गए।

Que: वनडे में कपिल देव का सर्वोच्च स्कोर (Kapil Dev’s highest score in ODI) क्या है?

Ans: वनडे में कपिल देव का सर्वोच्च स्कोर 175 है, जो उन्होंने 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप (Cricket World Cup) में जिम्बाब्वे के खिलाप बनाया है। इस मैच में उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की अच्छी खासी पिटाई करके महज 138 गेंदों में 175 रन बनाए थे। जिसमें उन्होंने 16 चौके (fours) और 6 छक्के (sixes) लगाए।

Que: कपिल देव का आखिरी मैच (last match of Kapil Dev) कौन सा था?

Ans: अंतिम टेस्ट: 19 मार्च 1994 बनाम न्यूजीलैंड
अंतिम वनडे: 17 अक्टूबर 1994 बनाम वेस्टइंडीज
साथ ही कपिल देव जी ने 1992 क्रिकेट विश्व कप (Cricket World Cup) में मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) की कप्तानी में अपना आखिरी क्रिकेट विश्व कप खेला और प्रति 100 गेंदों पर 125.80 रन के साथ बल्लेबाजी स्ट्राइक रेट में शीर्ष पर रहे।

Que: कपिल देव की आत्मकथा का नाम क्या है?

Ans: कपिल देव ने 3 आत्मकथाएँ लिखी हैं: “बाय गॉड्स डिक्री (By God’s Decree)” (1985), “क्रिकेट माई स्टाइल (Cricket My Style)” (1987), और “स्ट्रेट फ्रॉम द हार्ट (Straight from the Heart)” (2004)।

Que: कपिल देव की जर्सी का नंबर (Kapil Dev jersey number) क्या है?

Ans: Indian Cricketer Kapil Dev जी के समय में जर्सी नंबर की संस्कृति नहीं थी।

Rate this post
Default image

D DEEPAK

मेरा नाम दिपक देवरुखकर हैं, और मैं महाराष्ट्र के मुंबई शहर विरार का रहने वाला हूँ। मैंने Visual and Communication Art, Worli, Mumbai से डिप्लोमा किया हैं। और अभी मै एक Advertising Agency में As A Graphic Visualizer के रूप में काम कर रहा हु। मुझे पढ़ने और लिखने का शौक है।

Articles: 37

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: